आचार्य रामचन्द्र शुक्ल के निबंधों को आप विषय प्रधान मानते हैं या व्यक्ति प्रधान? ‘चिंतामणि भाग-I’ के पठित निबंधों के आधार पर अपने मत का तर्कसम्मत प्रतिपादन कीजिए। (UPSC 1992, 55 Marks, )

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