धूत कहौ, अवधूत कहौ, रजपूतु कही, जोलहा कहौ कोऊ। काहू की बेटी सों, बेटा न ब्याहब, काहू की जाति बिगार न सोऊ। तुलसी सरनाम गुलामु है राम को, जाको, रुचै सो कहै कछु ओऊ। माँगि कै खैबो मसीत को सोईबो, लैबो को, एकु न दैबे को दोऊ॥ (UPSC 2021, 10 Marks, )

धूत कहौ, अवधूत कहौ, रजपूतु कही, जोलहा कहौ कोऊ। काहू की बेटी सों, बेटा न ब्याहब, काहू की जाति बिगार न सोऊ। तुलसी सरनाम गुलामु है राम को, जाको, रुचै सो कहै कछु ओऊ। माँगि कै खैबो मसीत को सोईबो, लैबो को, एकु न दैबे को दोऊ॥