कहे को रोकत मारग सूधो? सुनहु मधुप! निर्गुन-कंटक तें राजपंथ क्यों रूँधौ? कै तुम सिखै पठाए कुब्जा, कै कही स्यामघन जू धौं? बेद पुरान सुमृति सब ढूँढ़ौ जुवतिन जोग कहूँ धौ? ताको कहा परेखौ कीजै जानत छाछ न दूधौ। सूर मूर अक्रूर गए लै ब्याज निबेरत ऊधौ॥
(UPSC 2021, 10 Marks, )
कहे को रोकत मारग सूधो? सुनहु मधुप! निर्गुन-कंटक तें राजपंथ क्यों रूँधौ? कै तुम सिखै पठाए कुब्जा, कै कही स्यामघन जू धौं? बेद पुरान सुमृति सब ढूँढ़ौ जुवतिन जोग कहूँ धौ? ताको कहा परेखौ कीजै जानत छाछ न दूधौ। सूर मूर अक्रूर गए लै ब्याज निबेरत ऊधौ॥
कहे को रोकत मारग सूधो? सुनहु मधुप! निर्गुन-कंटक तें राजपंथ क्यों रूँधौ? कै तुम सिखै पठाए कुब्जा, कै कही स्यामघन जू धौं? बेद पुरान सुमृति सब ढूँढ़ौ जुवतिन जोग कहूँ धौ? ताको कहा परेखौ कीजै जानत छाछ न दूधौ। सूर मूर अक्रूर गए लै ब्याज निबेरत ऊधौ॥
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