“जयशंकर प्रसाद के नाटकों के स्त्री-पात्र सदैव श्रेष्ठ रहे हैं।” इस कथन के आलोक में 'स्कंदगुप्त' में स्त्री-पात्र परिकल्पना की विशेषताओं पर प्रकाश डालिए।
(UPSC 2016, 15 Marks, )
“जयशंकर प्रसाद के नाटकों के स्त्री-पात्र सदैव श्रेष्ठ रहे हैं।” इस कथन के आलोक में 'स्कंदगुप्त' में स्त्री-पात्र परिकल्पना की विशेषताओं पर प्रकाश डालिए।
“जयशंकर प्रसाद के नाटकों के स्त्री-पात्र सदैव श्रेष्ठ रहे हैं।” इस कथन के आलोक में 'स्कंदगुप्त' में स्त्री-पात्र परिकल्पना की विशेषताओं पर प्रकाश डालिए।
(UPSC 2016, 15 Marks, )