बिरह अगिनि तनु तूल समीरा। स्वास जरइ छन माहिं सरीरा।। नयन स्रवहिं जलु निज हित लागी। जरें न पाव देह बिरहागी।। (UPSC 2024, 10 Marks, )

बिरह अगिनि तनु तूल समीरा। स्वास जरइ छन माहिं सरीरा।। नयन स्रवहिं जलु निज हित लागी। जरें न पाव देह बिरहागी।।