Q 3(c). "विश्व की विभूति में मन को रमाने का जैसा अवसर भक्ति भावना में है; वैसा अन्तःसाध्या में नहीं" — सूरदास कृत 'भ्रमरगीत' के आधार पर इस कथन की युक्तिसंगत समीक्षा कीजिए।
(UPSC 2025, 15 Marks, 200 Words)
"विश्व की विभूति में मन को रमाने का जैसा अवसर भक्ति भावना में है; वैसा अन्तःसाध्या में नहीं" — सूरदास कृत 'भ्रमरगीत' के आधार पर इस कथन की युक्तिसंगत समीक्षा कीजिए। (Review the logical reasoning of this statement based on Surdas's 'Bhramar Geet': "The opportunity to immerse the mind in the glory of the world is found in devotion, not in inner meditation.")
Q 3(c). "विश्व की विभूति में मन को रमाने का जैसा अवसर भक्ति भावना में है; वैसा अन्तःसाध्या में नहीं" — सूरदास कृत 'भ्रमरगीत' के आधार पर इस कथन की युक्तिसंगत समीक्षा कीजिए।
(UPSC 2025, 15 Marks, 200 Words)