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  • Hindi Literature Optional 2025 Paper With Solution

    • Hindi Literature Optional 2025 Paper 1 With Solution
      • अपभ्रंश और अवहट्ट की व्याकरणिक संरचना के मुख्य अंतर
      • सिद्ध-नाथ साहित्य में प्रयुक्त खड़ी बोली का आरंभिक रूप
      • हिन्दी भाषा के मानकीकरण की वर्तमान चुनौतियाँ
      • भाषा और बोली में अंतर
      • मध्यकाल में अवधी और ब्रजभाषा का साहित्यिक अंतर्सम्बन्ध
      • 19वीं सदी के खड़ी बोली आंदोलन के ऐतिहासिक कारकों और उपलब्धियों की विवेचना कीजिए।
      • राष्ट्रीय भाषा के रूप में हिन्दी के सामने उपस्थित वर्तमानकालीन चुनौतियों पर प्रकाश डालिए।
      • संत साहित्य में प्रयुक्त खड़ी बोली के स्वरूप की सोदाहरण चर्चा कीजिए।
      • मानक हिन्दी की व्याकरणिक संरचना की प्रमुख विशेषताएँ क्या है? किस सीमा तक इसे संस्कृत की व्याकरणिक संरचना पर आधारित कहा जा सकता है?
      • ब्रजभाषा के विकास में सूर-पूर्व कवियों के योगदान पर टिप्पणी कीजिए।
      • देवनागरी लिपि के मानक रूप का परिचय देते हुए मानकीकरण हेतु किये गये प्रमुख प्रयत्नों की चर्चा कीजिए।
      • स्वाधीनता आंदोलन ने जनभाषा के रूप में हिन्दी के विकास को किस तरह प्रभावित किया?
      • जायसी और तुलसीदास द्वारा प्रयुक्त अवधी के रूपों में मुख्य अंतरों की सोदाहरण विवेचना कीजिए।
      • खुसरो के साहित्य में प्रयुक्त हिन्दी की विशेषताएँ लिखिए।
      • हिन्दी उपन्यास और यथार्थवाद
      • कबीर की लोकोन्मुखता
      • दिनकर की सामाजिक चेतना
      • सिद्ध साहित्य का परवर्ती हिन्दी साहित्य पर प्रभाव
      • हेमचन्द्र की कविता
      • कृष्णा सोबती के उपन्यासों की स्त्री-दृष्टि पर वर्तमान स्त्री-विमर्श के संदर्भ में विचार कीजिए।
      • विद्यापति की आध्यात्मिकता पर आचार्य रामचंद्र शुक्ल की टिप्पणी की समीक्षा कीजिए।
      • विजयदेव नारायण साही द्वारा किये गये जायसी के मूल्यांकन की समीक्षा कीजिए।
      • प्रगतिवादी आलोचना को वर्तमान समय में किस प्रकार की चुनौतियाँ मिल रही है? सोदाहरण विवेचना कीजिए।
      • 'हिन्दी नवजागरण' की उपलब्धियों और सीमाओं पर विचार कीजिए।
      • हिन्दी नई कहानी की प्रमुख विशेषताएँ लिखिए।
      • हिन्दी रंगमंच के विकास से संबंधित प्रमुख बहसों की विवेचना कीजिए।
      • मोहन राकेश के नाटकों में व्यक्त आधुनिक मनुष्य के नैतिक द्वंदों की विवेचना कीजिए।
      • हिन्दी साहित्य के इतिहास लेखन में दलित विमर्श के हस्तक्षेप की समीक्षा कीजिए।
    • Hindi Literature Optional 2025 Paper 2 With Solution
      • तात राम नहिं नर भूपाला । भुवनेस्वर कालहु कर काला ।। ब्रह्म अनामय अज भगवंता । व्यापक अजित अनादि अनंता ।।
      • कुहुकि कुहुकि जसि कोइल रोई । रकत आँसु घुँघुची बन बोई ।। पै कर मुखी नैन तन राती । को सिराव बिरहा दुःख ताती ।।
      • विषमता की पीड़ा से व्यस्त, हो रहा स्पंदित विश्व महान । यही दुःख सुख विकास का सत्य, यही भूमा का मधुमय दान ।
      • विचलित होने का नहीं देखता मैं कारण, हे पुरुषसिंह, तुम भी यह शक्ति करो धारण, आराधन का दृढ़ आराधन से दो उत्तर, तुम वरो विजय संयत प्राणों से प्राणों पर ।
      • सुना आपने जो वह मेरा नहीं, न वीणा का था: वह तो सब कुछ की तथता थी महाशून्य, वह महामौन अविभाज्य, अनाप्त, अद्रवित, अप्रमेय जो शब्दहीन सब में गाता है।
      • 'कबीर ग्रन्थावली' के आधार पर कबीर के आध्यात्मिक दृष्टिकोण पर प्रकाश डालिए।
      • "कवितावली के उत्तरकाण्ड में मध्यकाल के भयावह यथार्थ की समीक्षा की गई है" — इस कथन की सत्यता को स्पष्ट कीजिए।
      • 'भारत-भारती' में अभिव्यक्त राष्ट्रीय चेतना का स्वरूप विश्लेषण कीजिए।
      • "कामायनी आधुनिक सभ्यता का प्रतिनिधि महाकाव्य है" — स्पष्ट कीजिए।
      • "युद्ध की समस्या मनुष्य की सारी समस्याओं की जड़ है" — दिनकर के 'कुरुक्षेत्र' काव्य के आधार पर इस कथन की सार्थकता पर प्रकाश डालिए।
      • "विश्व की विभूति में मन को रमाने का जैसा अवसर भक्ति भावना में है; वैसा अन्तःसाध्या में नहीं" — सूरदास कृत 'भ्रमरगीत' के आधार पर इस कथन की युक्तिसंगत समीक्षा कीजिए।
      • "बिहारी की कविता श्रृंगारी है किन्तु प्रेम की उच्च भूमि पर नहीं पहुँच पाती" — इस कथन की सम्यक विवेचना कीजिए।
      • 'कुकुरमुत्ता' कविता के मूल प्रतिपाद्य को स्पष्ट कीजिए।
      • 'ब्रह्मराक्षस' कविता की प्रतीक-योजना पर प्रकाश डालिए।
      • मे जीवन में पहली बार समझ पाई कि क्यों कोई पर्वत-शिखरों को सहलाती मेघ-मालाओं में खो जाता है, क्यों किसी को अपने तन-मन की अपेक्षा आकाश में बनते-मिटते चित्रों का इतना मोह हो रहता है।
      • कविता ही हृदय को प्रकृत दशा में लाती है और जगत के बीच क्रमशः उसका अधिकाधिक प्रसार करती हुई उसे मनुष्यत्व की उच्च भूमि पर ले जाती है।
      • जिस तरह मर्द के मर जाने से औरत अनाथ हो जाती है, उसी तरह औरत के मर जाने से मर्द के हाथ-पाँव टूट जाते हैं।
      • राष्ट्रनीति, दार्शनिकता और कल्पना का लोक नहीं है। इस कठोर प्रत्यक्षवाद की समस्या बड़ी कठिन होती है।
      • काले साँप का काटा आदमी बच सकता है, हलाहल जहर पीने वाले की मौत रुक सकती है, किन्तु जिस पौधे को एक बार कर्मनाशा का पानी छू ले, वह फिर हरा नहीं हो सकता।
      • "‘कविता क्या है’ निबंध काव्य के सर्वांगपूर्ण विवेचन की दृष्टि से अद्वितीय बन पड़ा है" — इस कथन की सत्यता पर प्रकाश डालिए ।
      • "प्रसाद के नाटक भारत के इतिहास का पुनर्निर्माण करते हैं।" — ‘स्कन्दगुप्त’ नाटक के आधार पर इस कथन की सोदाहरण समीक्षा कीजिए।
      • भारतीय ग्रामीण जीवन को वैध सम्मान दिलाने की दृष्टि से ‘मैला आँचल’ उपन्यास की समीक्षा कीजिए।
      • "‘भारत दुर्दशा’ अतीत गौरव की चमकदार स्मृति है; आँसू भरा वर्तमान है और भविष्य निर्माण की प्रेरणा है।" — इस कथन की समीक्षा कीजिए।
      • ‘गोदान’ उपन्यास के मूल प्रतिपाद्य पर प्रकाश डालिए।
      • ‘भोलाराम का जीव’ कहानी के माध्यम से हरिशंकर परसाई की व्यंग्य चेतना स्पष्ट कीजिए।
      • ‘तुलसी साहित्य के सामंत विरोधी मूल्य’ निबंध के आधार पर डॉ. रामविलास शर्मा की तुलसी-विषयक मान्यताओं की समीक्षा कीजिए।
      • ‘आषाढ़ का एक दिन’ नाटक के आधार पर लेखक के नारी संबंधी दृष्टिकोण पर प्रकाश डालिए।
      • "‘महाभोज’ उपन्यास राजनीति और अपराध के आपसी गठजोड़ पर करारा प्रहार करता है" — स्पष्ट कीजिए।
  1. PYQs and Practice Questions
  2. UPSC Optionals
  3. Hindi Literature Optional
  4. Hindi Literature Optional 2025 Paper With Solution
  5. Hindi Literature Optional 2025 Paper 2 With Solution

Q 1(a). तात राम नहिं नर भूपाला । भुवनेस्वर कालहु कर काला ।। ब्रह्म अनामय अज भगवंता । व्यापक अजित अनादि अनंता ।। (UPSC 2025, 10 Marks, 150 Words)

तात राम नहीं नर भूपाला । भुवनेश्वर कालहू कर काला ।। ब्रह्म अनामय अज भगवंता । व्यापक अजित अनादि अनंता ।। (Father, Ram is not a mere human king. He is the Lord of the universe, even time fears him. He is the flawless, unborn, divine being. He is all-pervading, invincible, without beginning, and infinite.)
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Introduction
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Q 1(b). कुहुकि कुहुकि जसि कोइल रोई । रकत आँसु घुँघुची बन बोई ।। पै कर मुखी नैन तन राती । को सिराव बिरहा दुःख ताती ।। (UPSC 2025, 10 Marks, 150 Words)

कुहुकि कुहुकि जैसे कोयल रोई। रक्त आँसू घुँघची बन बोई।। परंतु मुख, नयन और तन रात के समान। किसे सुनाऊँ विरह का दुःख तात्त्विक।। (The sentence is 'Like the cuckoo cries softly. Blood tears sowed in the forest of separation. But the face, eyes, and body are like the night. To whom shall I narrate the intense pain of separation?')
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Introduction
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Q 1(c). विषमता की पीड़ा से व्यस्त, हो रहा स्पंदित विश्व महान । यही दुःख सुख विकास का सत्य, यही भूमा का मधुमय दान । (UPSC 2025, 10 Marks, 150 Words)

The translation of the given sentence in Hindi is: <b><i>"Busy with the pain of inequality, the pulsating world is great. This is the truth of sorrow and happiness development, this is the blissful gift of the earth."</i></b> (विषमता की पीड़ा से व्यस्त, हो रहा स्पंदित विश्व महान। यही दुःख सुख विकास का सत्य, यही भूमा का मधुमय दान।)
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Introduction
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Q 1(d). विचलित होने का नहीं देखता मैं कारण, हे पुरुषसिंह, तुम भी यह शक्ति करो धारण, आराधन का दृढ़ आराधन से दो उत्तर, तुम वरो विजय संयत प्राणों से प्राणों पर । (UPSC 2025, 10 Marks, 150 Words)

विचलित होने का नहीं देखता मैं कारण, हे पुरुषसिंह, तुम भी यह शक्ति करो धारण, आराधन का दृढ़ आराधन से दो उत्तर, तुम वरो विजय संयत प्राणों से प्राणों पर । (I do not see a reason to be disturbed, O lion among men, you also adopt this strength, give the answer of worship with firm worship, you choose victory over lives with controlled lives.)
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Introduction
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Q 1(e). सुना आपने जो वह मेरा नहीं, न वीणा का था: वह तो सब कुछ की तथता थी महाशून्य, वह महामौन अविभाज्य, अनाप्त, अद्रवित, अप्रमेय जो शब्दहीन सब में गाता है। (UPSC 2025, 10 Marks, 150 Words)

सुना आपने जो वह मेरा नहीं, न वीणा का था: वह तो सब कुछ की तथता थी महाशून्य, वह महामौन अविभाज्य, अनाप्त, अद्रवित, अप्रमेय जो शब्दहीन सब में गाता है। (Did you hear that it was not mine, nor Veena's: it was the suchness of everything, the great void, the great silence indivisible, unattained, unmelted, immeasurable that sings wordlessly in everything.)
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Introduction
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Q 2(a). 'कबीर ग्रन्थावली' के आधार पर कबीर के आध्यात्मिक दृष्टिकोण पर प्रकाश डालिए। (UPSC 2025, 20 Marks, 250 Words)

Based on 'Kabir Granthavali', shed light on Kabir's spiritual perspective. (कबीर ग्रन्थावली के आधार पर कबीर के आध्यात्मिक दृष्टिकोण पर प्रकाश डालिए।)
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Introduction
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Q 2(b). "कवितावली के उत्तरकाण्ड में मध्यकाल के भयावह यथार्थ की समीक्षा की गई है" — इस कथन की सत्यता को स्पष्ट कीजिए। (UPSC 2025, 15 Marks, 200 Words)

"Explain the truth of this statement — 'In the Uttarakanda of Kavitavali, the horrific reality of the medieval period has been reviewed.'"
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Q 2(c). 'भारत-भारती' में अभिव्यक्त राष्ट्रीय चेतना का स्वरूप विश्लेषण कीजिए। (UPSC 2025, 15 Marks, 200 Words)

'भारत-भारती' में अभिव्यक्त राष्ट्रीय चेतना का स्वरूप विश्लेषण कीजिए। (Analyze the form of national consciousness expressed in 'Bharat-Bharati'.)
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Q 3(a). "कामायनी आधुनिक सभ्यता का प्रतिनिधि महाकाव्य है" — स्पष्ट कीजिए। (UPSC 2025, 20 Marks, 250 Words)

"कामायनी आधुनिक सभ्यता का प्रतिनिधि महाकाव्य है" — Explain. (Explain "Kamayani is the representative epic of modern civilization.")
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Q 3(b). "युद्ध की समस्या मनुष्य की सारी समस्याओं की जड़ है" — दिनकर के 'कुरुक्षेत्र' काव्य के आधार पर इस कथन की सार्थकता पर प्रकाश डालिए। (UPSC 2025, 15 Marks, 200 Words)

"‘The problem of war is the root of all human problems’ — Elucidate the significance of this statement based on Dinkar's epic 'Kurukshetra'."
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Q 3(c). "विश्व की विभूति में मन को रमाने का जैसा अवसर भक्ति भावना में है; वैसा अन्तःसाध्या में नहीं" — सूरदास कृत 'भ्रमरगीत' के आधार पर इस कथन की युक्तिसंगत समीक्षा कीजिए। (UPSC 2025, 15 Marks, 200 Words)

"विश्व की विभूति में मन को रमाने का जैसा अवसर भक्ति भावना में है; वैसा अन्तःसाध्या में नहीं" — सूरदास कृत 'भ्रमरगीत' के आधार पर इस कथन की युक्तिसंगत समीक्षा कीजिए। (Review the logical reasoning of this statement based on Surdas's 'Bhramar Geet': "The opportunity to immerse the mind in the glory of the world is found in devotion, not in inner meditation.")
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Q 4(a). "बिहारी की कविता श्रृंगारी है किन्तु प्रेम की उच्च भूमि पर नहीं पहुँच पाती" — इस कथन की सम्यक विवेचना कीजिए। (UPSC 2025, 15 Marks, 200 Words)

"Bihari ki kavita shringari hai kintu prem ki uchch bhoomi par nahin pahunch paati" — is kathan ki samyak vivechana kijiye. (The sentence is ' <b><i>"Bihari's poetry is romantic but does not reach the higher realm of love"</i></b> — Analyze this statement appropriately.')
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Introduction
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Q 4(b). 'कुकुरमुत्ता' कविता के मूल प्रतिपाद्य को स्पष्ट कीजिए। (UPSC 2025, 15 Marks, 200 Words)

Explain the main theme of the poem 'Kukurmutta'. (कविता 'कुकुरमुत्ता' के मूल प्रतिपाद्य को स्पष्ट कीजिए।)
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Q 4(c). 'ब्रह्मराक्षस' कविता की प्रतीक-योजना पर प्रकाश डालिए। (UPSC 2025, 15 Marks, 200 Words)

'Elucidate the symbolism scheme of the poem 'Brahmarakshas'.'
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Q 5(a). मे जीवन में पहली बार समझ पाई कि क्यों कोई पर्वत-शिखरों को सहलाती मेघ-मालाओं में खो जाता है, क्यों किसी को अपने तन-मन की अपेक्षा आकाश में बनते-मिटते चित्रों का इतना मोह हो रहता है। (UPSC 2025, 10 Marks, 150 Words)

मैं जीवन में पहली बार समझ पाई कि क्यों कोई पर्वत-शिखरों को सहलाती मेघ-मालाओं में खो जाता है, क्यों किसी को अपने तन-मन की अपेक्षा आकाश में बनते-मिटते चित्रों का इतना मोह हो रहता है। (I understood for the first time in my life why someone gets lost in the cloud garlands caressing the mountain peaks, why someone is so enamored with the forming and dissolving images in the sky rather than their own body and mind.)
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Q 5(b). कविता ही हृदय को प्रकृत दशा में लाती है और जगत के बीच क्रमशः उसका अधिकाधिक प्रसार करती हुई उसे मनुष्यत्व की उच्च भूमि पर ले जाती है। (UPSC 2025, 10 Marks, 150 Words)

Poetry brings the heart to its natural state and gradually expands it amidst the world, elevating it to the higher realm of humanity. (कविता ही हृदय को प्रकृत दशा में लाती है और जगत के बीच क्रमशः उसका अधिकाधिक प्रसार करती हुई उसे मनुष्यत्व की उच्च भूमि पर ले जाती है।)
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Q 5(c). जिस तरह मर्द के मर जाने से औरत अनाथ हो जाती है, उसी तरह औरत के मर जाने से मर्द के हाथ-पाँव टूट जाते हैं। (UPSC 2025, 10 Marks, 150 Words)

जिस तरह मर्द के मर जाने से औरत अनाथ हो जाती है, उसी तरह औरत के मर जाने से मर्द के हाथ-पाँव टूट जाते हैं। (Just as a woman becomes an orphan when a man dies, similarly a man's hands and feet are broken when a woman dies.)
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Q 5(d). राष्ट्रनीति, दार्शनिकता और कल्पना का लोक नहीं है। इस कठोर प्रत्यक्षवाद की समस्या बड़ी कठिन होती है। (UPSC 2025, 10 Marks, 150 Words)

"Rashtraniti, darshanikta aur kalpana ka lok nahin hai. Is kathor pratyakshavad ki samasya badi kathin hoti hai." (The sentence is 'Politics is not a realm of philosophy and imagination. The problem of this harsh positivism is very difficult.')
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Q 5(e). काले साँप का काटा आदमी बच सकता है, हलाहल जहर पीने वाले की मौत रुक सकती है, किन्तु जिस पौधे को एक बार कर्मनाशा का पानी छू ले, वह फिर हरा नहीं हो सकता। (UPSC 2025, 10 Marks, 150 Words)

A man bitten by a black snake can survive, the death of one who drinks poison can be stopped, but the plant that is touched by the water of Karmanasha once, cannot turn green again.
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Q 6(a). "‘कविता क्या है’ निबंध काव्य के सर्वांगपूर्ण विवेचन की दृष्टि से अद्वितीय बन पड़ा है" — इस कथन की सत्यता पर प्रकाश डालिए । (UPSC 2025, 20 Marks, 250 Words)

"‘Kavita kya hai’ nibandh kavya ke sarvangpoorn vivechan ki drishti se adwitiya ban pada hai" — is kathan ki satyata par prakaash daliye. (The essay 'What is Poetry' has become unique from the perspective of a comprehensive analysis of poetry — shed light on the truth of this statement.)
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Q 6(b). "प्रसाद के नाटक भारत के इतिहास का पुनर्निर्माण करते हैं।" — ‘स्कन्दगुप्त’ नाटक के आधार पर इस कथन की सोदाहरण समीक्षा कीजिए। (UPSC 2025, 15 Marks, 200 Words)

The sentence is ' <b><i>"Prasad ke natak Bharat ke itihas ka punarnirman karte hain."</i></b> — ‘Skandagupt’ natak ke aadhar par is kathan ki sodaharan samiksha kijiye.'. (The sentence is ' <b><i>"Prasad's plays reconstruct the history of India."</i></b> — Review this statement with examples based on the play ‘Skandagupt’.')
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Q 6(c). भारतीय ग्रामीण जीवन को वैध सम्मान दिलाने की दृष्टि से ‘मैला आँचल’ उपन्यास की समीक्षा कीजिए। (UPSC 2025, 15 Marks, 200 Words)

Review the novel 'Maila Anchal' with a view to giving legitimate respect to Indian rural life. (भारतीय ग्रामीण जीवन को वैध सम्मान दिलाने की दृष्टि से ‘मैला आँचल’ उपन्यास की समीक्षा कीजिए।)
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Q 7(a). "‘भारत दुर्दशा’ अतीत गौरव की चमकदार स्मृति है; आँसू भरा वर्तमान है और भविष्य निर्माण की प्रेरणा है।" — इस कथन की समीक्षा कीजिए। (UPSC 2025, 20 Marks, 250 Words)

"‘Bharat Durdasha’ ateet gaurav ki chamakdaar smriti hai; aansu bhara vartaman hai aur bhavishya nirmaan ki prerna hai." — is kathan ki samiksha kijiye. (Translate this in Hindi. Write English Meaning in bracket. The sentence is ' <b><i>"‘India's Misery’ is a brilliant memory of past glory; it is a tear-filled present and an inspiration for future construction."</i></b> — Review this statement.)
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Introduction
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Q 7(b). ‘गोदान’ उपन्यास के मूल प्रतिपाद्य पर प्रकाश डालिए। (UPSC 2025, 15 Marks, 200 Words)

‘गोदान’ उपन्यास के मूल प्रतिपाद्य पर प्रकाश डालिए। (Elucidate the main theme of the novel 'Godan'.)
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Q 7(c). ‘भोलाराम का जीव’ कहानी के माध्यम से हरिशंकर परसाई की व्यंग्य चेतना स्पष्ट कीजिए। (UPSC 2025, 15 Marks, 200 Words)

Explain Harishankar Parsai's satirical consciousness through the story 'Bholaram Ka Jeev'. (भोलाराम का जीव' कहानी के माध्यम से हरिशंकर परसाई की व्यंग्य चेतना स्पष्ट कीजिए।)
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Q 8(a). ‘तुलसी साहित्य के सामंत विरोधी मूल्य’ निबंध के आधार पर डॉ. रामविलास शर्मा की तुलसी-विषयक मान्यताओं की समीक्षा कीजिए। (UPSC 2025, 20 Marks, 250 Words)

Based on the essay 'Tulsi Sahitya ke Saamant Virodhi Moolya', review Dr. Ramvilas Sharma's views on Tulsidas. (तुलसी साहित्य के सामंत विरोधी मूल्य' निबंध के आधार पर डॉ. रामविलास शर्मा की तुलसी-विषयक मान्यताओं की समीक्षा कीजिए।)
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Q 8(b). ‘आषाढ़ का एक दिन’ नाटक के आधार पर लेखक के नारी संबंधी दृष्टिकोण पर प्रकाश डालिए। (UPSC 2025, 15 Marks, 200 Words)

‘आषाढ़ का एक दिन’ नाटक के आधार पर लेखक के नारी संबंधी दृष्टिकोण पर प्रकाश डालिए। (Elucidate the author's perspective on women based on the play 'Aashadh Ka Ek Din'.)
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Q 8(c). "‘महाभोज’ उपन्यास राजनीति और अपराध के आपसी गठजोड़ पर करारा प्रहार करता है" — स्पष्ट कीजिए। (UPSC 2025, 15 Marks, 200 Words)

The sentence is ' <b><i>"‘महाभोज’ उपन्यास राजनीति और अपराध के आपसी गठजोड़ पर करारा प्रहार करता है"</i></b> — स्पष्ट कीजिए।'. (The sentence is ' <b><i>"The novel 'Mahabhoj' makes a sharp attack on the nexus between politics and crime"</i></b> — Explain.)
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